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                                          હું  સ્વચ્છતા  વિશે શું કરીશ ?                                એ મહાન દેશ ભારત ! સ્વસ્છતા અંગે વડાપ્રધાને ઝાડુ લઈને નીકળવું પડે ? અભિયાનો ચાલે .                    હું નાગરિક, આપણે નાગરિકો સ્વસ્છતાના આયામો સિદ્ધિ કરવા સ્વયં  સ્વચ્છતા  સંસ્કાર સંચિત કરીએ,નૈતિક કર્મયોગ બનાવીએ. . બ્રહ્માંડની રચનામાં શુદ્ધતા,સ્વચ્છતા , શ્રેષ્ઠતા છે. નિસર્ગ મારી તમામ   જરૂરિયાત પૂર્ણ કરે છે. વિશ્વના ઈતિહાસમાં વિવિધ પ્રજાઓની ક્રાંતિ,   વિકસિત દેશોના વિકાસમાં સ્વસ્છતા પાયામાં રહી છે.   જેના   બહુલક્ષી પરિણામો/આયામો   મેળવ્યા છે. હું સ્વસ્છતા વિશે., ચિત (મન), શરીર, વસ્ત્ર, ઘર, રહેણીકરણી, કાર્યસ્થળ,ગામ-શહેર, રાજ્ય -દેશ-વેશ્વિક સ્વચ્છતા પાળીશ અને મારો નાગરિકધર્મ બજાવીશ ...

' गाँधी आदर्शो वाला बने गांव '

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                                                          ' गाँधी आदर्शो वाला बने गांव '               गांव जीवंतता की महक हे , गांव की भूमि की खुश्बू अलौकिक हे . गांव में रहनेवाले सभी धर्म , जाती के बिच की सहकर्मिता , समभाव और पारस्परिक सयोंजन मिठासपूर्ण हो तो गांव सौहार्दपूर्ण रूप से उत्कृस्ट बनता हे . गांव के विकास के लिए ग्राम स्वराज के सिद्धांत और गाँधीविचार पर अभी के गांव के लोको की परिस्थिति एवं विकास के समुचित आयोजन में कार्यसंसोधन आवश्यक हे . गांव के लोको की शिक्षा रस एवं रूचि, कार्यशैली, और आजीविका के स्त्रोत का आंकलन व्  संसोधन कर ग्राम विकास के लिए एक श्रेस्ट कार्य पद्धति , गांव की स्वछता, कृषि पशुपालन जैसे पारम्परिक आजीविकाओं में सुधार,  आरोग्य , पेयजल , शिक्षा पद्धतिओ में सुधार पर गौर कर कैसे बेहतरीन बना सके उस पर फिर विचार आवश्यक बना हुआ हे  .           ...
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            અમૃતલાલ વેગડ - નર્મદાનું સૌંદર્ય સાહિત્ય   નર્મદા   પરિક્રમા નું  અનુભવ્ય વર્ણન .                              ‘ અમૃતલાલ વેગડ ‘  નર્મદા લેખક    કહીએ કે નર્મદા ચિત્રકાર કહીયે .   તેમણે નર્મદા નદી અને આસપાસનાં    સમગ્ર  સૌંદર્યનું અદભુત સાહિત્ય   નિર્મલ જળની જેમ વહાવ્યું છે .                   તેમના પરિક્રમા પ્રવાસ   વર્ણનો , અનુભવોનું , પ્રકૃતિ સૌંદર્યનું , ત્યાંના લોકજીવન અને સંસ્કૃતિનું  અદભુત જીવંત ગદ્ય વર્ણન  સહજ શૈલીમાં  સાહિત્યમાં નિરૂપ્યું છે.                             તેમની સાહિત્ય પુસ્તક રચનાઓ   સૌંદર્યની નદી નર્મદા ,   પરિક્રમા નર્મદા મૈયાની ,   તીરે તીરે નર્મદા  વિગેરેમાં નર્મદા નદીને તેમની નસ નસ માં વહ...
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                                              अहिंसक  संचार  -  सुचारु और शांतिमय विश्व भविष्यका मानवीय  तत्व  ।           हमारे संचार संस्कार हममे , आस पास के व्यवहार , सामाजिक , वातावरण एवं पृथ्वी निसर्ग पर उसके वाईब्रेस्टियन्स असरकर्ता हैं। अहिंसक संचार अभ्यास क्रम में बताया गया हैं उसी तरह हर प्रकारका संवाद - संचार माध्यम जीवन की अहम भूमिका हैं जो हमारा और ब्रह्माण्डका भविष्य रचित करनेमें एहम भूमिका प्रदान करता हैं।         संचारसे हमारी मानवीय सहज प्रकृतिका घट्न , विघटन , सामजिक वातवरण , व्यवहार , परिस्थितिया , सुख - दुःख , और नए नए संस्कार बनते हैं। इसे कैसे बहेतर बनाया जाये ? संचार जितनाही  अहिंसक , प्राकृतिक समन्वयकारी , सहयोग करने वाला , सकारात्मक , अच्छाइया फ़ैलाने वाला, प्रकृति के अनुकूल हो तो सभी जीवोंका जीवन संतुलीत , और पृथ्वी पर बोज रूप ...
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प्रवासन और ग्रामीण विकास   '  ग्रामीण भारत - कैसे पर्यटन का लाभ उठा सकता है  '        ग्रामीण पर्यटनके कई आयाम  इको टूरिजम , रीच हेरिटेज , फ़्लोरा फौना , रिच कल्चर , ग्रामीण हस्तकला , नैसर्गिक जीवन , पानी के स्थल नदी - तालाब , पहाड़ , जंगल , समंदर , रण  ग्रामिक पारम्परिक स्वाद पूर्ण खानपान , पौराणिक स्थल , वाव , कुवे , विस्तार प्रदेश के पारम्परिक घर , कॉटेज , विरासते , अलिप्त हो रहे वृक्ष ,  आदि ज्यादातर गाओ में - या उसके आसपास हैं |   कितना वैविध्य !!         एक बहोत बड़ा सुझाव में देना चाहुगा जो पुरे भारतके सभी राज्योंके ग्रामीण विस्तरोमे लागु किया जा सकता हैं | वह हैं - मनरेगा MGNREGA (  महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम  ) के तहत ग्राम्य प्रवासन के विविध स्थलों के विकास के लिए कामो को लेना | मानिये गाओ में कोई पुरातत्वीय ऐतिहासिक स्थल हे ,   कोई धरोहर , आध्यात्मिक स्थल हैं , पुराने हेरिटेज वाव - कुए हैं  , क्रांतिकारी स्थल हो , वीर स्थल , प्राकृतिक प्रवासन स...