संदेश

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                                              अहिंसक  संचार  -  सुचारु और शांतिमय विश्व भविष्यका मानवीय  तत्व  ।           हमारे संचार संस्कार हममे , आस पास के व्यवहार , सामाजिक , वातावरण एवं पृथ्वी निसर्ग पर उसके वाईब्रेस्टियन्स असरकर्ता हैं। अहिंसक संचार अभ्यास क्रम में बताया गया हैं उसी तरह हर प्रकारका संवाद - संचार माध्यम जीवन की अहम भूमिका हैं जो हमारा और ब्रह्माण्डका भविष्य रचित करनेमें एहम भूमिका प्रदान करता हैं।         संचारसे हमारी मानवीय सहज प्रकृतिका घट्न , विघटन , सामजिक वातवरण , व्यवहार , परिस्थितिया , सुख - दुःख , और नए नए संस्कार बनते हैं। इसे कैसे बहेतर बनाया जाये ? संचार जितनाही  अहिंसक , प्राकृतिक समन्वयकारी , सहयोग करने वाला , सकारात्मक , अच्छाइया फ़ैलाने वाला, प्रकृति के अनुकूल हो तो सभी जीवोंका जीवन संतुलीत , और पृथ्वी पर बोज रूप ...
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प्रवासन और ग्रामीण विकास   '  ग्रामीण भारत - कैसे पर्यटन का लाभ उठा सकता है  '        ग्रामीण पर्यटनके कई आयाम  इको टूरिजम , रीच हेरिटेज , फ़्लोरा फौना , रिच कल्चर , ग्रामीण हस्तकला , नैसर्गिक जीवन , पानी के स्थल नदी - तालाब , पहाड़ , जंगल , समंदर , रण  ग्रामिक पारम्परिक स्वाद पूर्ण खानपान , पौराणिक स्थल , वाव , कुवे , विस्तार प्रदेश के पारम्परिक घर , कॉटेज , विरासते , अलिप्त हो रहे वृक्ष ,  आदि ज्यादातर गाओ में - या उसके आसपास हैं |   कितना वैविध्य !!         एक बहोत बड़ा सुझाव में देना चाहुगा जो पुरे भारतके सभी राज्योंके ग्रामीण विस्तरोमे लागु किया जा सकता हैं | वह हैं - मनरेगा MGNREGA (  महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम  ) के तहत ग्राम्य प्रवासन के विविध स्थलों के विकास के लिए कामो को लेना | मानिये गाओ में कोई पुरातत्वीय ऐतिहासिक स्थल हे ,   कोई धरोहर , आध्यात्मिक स्थल हैं , पुराने हेरिटेज वाव - कुए हैं  , क्रांतिकारी स्थल हो , वीर स्थल , प्राकृतिक प्रवासन स...